पुस्तकालय / Aesop’s Fables

शेर, भेड़िया और लोमड़ी।

इनसे जुड़ी कहानी: Aesop

शेर, भेड़िया और लोमड़ी।

चालाक लोमड़ी और बीमार शेर

एक शेर, बूढ़ा होते हुए, अपनी गुफा में बीमार पड़ा था। सभी जानवर अपने राजा से मिलने आए, सिवाय लोमड़ी के। इसलिए, भेड़िये ने सोचा कि उसे एक सुनहरा अवसर मिला है, और उसने शेर के सामने लोमड़ी पर आरोप लगाया कि वह उसका कोई सम्मान नहीं करती, जो उन सभी पर शासन करता है, और उससे मिलने नहीं आई।

ठीक उसी समय, लोमड़ी अंदर आई और भेड़िये के आखिरी शब्द सुन लिए। शेर ने उसके खिलाफ गुस्से में दहाड़ लगाई, जिससे लोमड़ी ने खुद को बचाने का मौका ढूंढा। उसने कहा, "और जो भी आपके पास आए हैं, उनमें से किसने आपको मेरे जितना फायदा पहुंचाया है? मैंने दूर-दूर तक यात्रा की है, और चिकित्सकों से आपको ठीक करने के उपाय सीखे हैं।"

शेर ने लोमड़ी को उसे इलाज बताने का आदेश दिया। लोमड़ी ने जवाब दिया, "आपको एक भेड़िये को जिंदा छीलना होगा और उसकी गर्म खाल को अपने चारों ओर लपेटना होगा।" भेड़िये को तुरंत पकड़ लिया गया और छील दिया गया। लोमड़ी ने चालाक मुस्कान के साथ भेड़िये की ओर मुड़कर कहा, "तुम्हें अपने मालिक को बुरी नीयत से नहीं, बल्कि अच्छी नीयत से प्रेरित करना चाहिए था।"

सीख
कहानी का नैतिक यह है कि दूसरों के खिलाफ साजिश रचने से उल्टा असर हो सकता है, और जो लोग नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, वे अंततः अपने कर्मों के परिणाम भुगत सकते हैं।

चर्चा के प्रश्न

  1. भेड़िया के कार्यों से हम साजिश के परिणामों के बारे में क्या सीख सकते हैं?
  2. लोमड़ी की चतुराई ने कहानी के परिणाम को कैसे बदल दिया?
  3. क्या आप किसी वास्तविक जीवन की स्थिति के बारे में सोच सकते हैं जहाँ किसी को उसके धोखेबाज़ कार्यों के परिणाम भुगतने पड़े?

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दूसरी भाषा में पढ़ें

शुभ रात्रि।

कल रात: लोमड़ी और सारस।