पुस्तकालय / Aesop’s Fables

मक्खी और खींचने वाला खच्चर।

इनसे जुड़ी कहानी: Aesop

मक्खी और खींचने वाला खच्चर।

एक मक्खी रथ के धुरे पर बैठी और खींचने वाले खच्चर से बोली, "तुम कितने धीमे हो! तुम और तेज़ क्यों नहीं चलते? बस देखो, अगर मैं तुम्हारी गर्दन को अपने डंक से नहीं चुभाऊंगी!"

खच्चर ने जवाब दिया, "मैं तुम्हारी धमकियों पर ध्यान नहीं देता; मेरी चिंता केवल उसके लिए है जो तुम्हारे ऊपर बैठा है। वही है जो अपने चाबुक से मेरी गति बढ़ाता है या लगाम से मुझे रोकता है। इसलिए, अपनी धृष्टता को दूर रखो! मैं अच्छी तरह जानता हूं कि कब तेज़ चलना है और कब धीमे।"

सीख
कहानी का नैतिक यह है कि सत्ता में बैठे लोगों को दूसरों की तुच्छ आलोचनाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए, क्योंकि वास्तविक अधिकार यह जानता है कि कब कार्य करना है और कब दृढ़ रहना है।

चर्चा के प्रश्न

  1. हमारे रोजमर्रा के जीवन में मक्खी किसका प्रतिनिधित्व करती है?
  2. हम अपने अनुभवों में आलोचना के प्रति खच्चर की प्रतिक्रिया को कैसे लागू कर सकते हैं?
  3. नेताओं के लिए यह महत्वपूर्ण क्यों है कि वे पहचानें कि उन्हें किसकी बात सुननी चाहिए?

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दूसरी भाषा में पढ़ें

शुभ रात्रि।

कल रात: लोमड़ी और सारस।