पुस्तकालय / Aesop’s Fables

कबूतर और कौआ।

इनसे जुड़ी कहानी: Aesop

कबूतर और कौआ।

एक पिंजरे में बंद कबूतरी अपने बड़े परिवार के बारे में गर्व से बात कर रही थी, जिसमें उसने कई बच्चों को जन्म दिया था।

उसे सुनकर एक कौए ने कहा, "मेरी प्रिय मित्र, मैं तुम्हें इस अनुचित डींग मारने से रोकने का आग्रह करता हूँ। तुम्हारे परिवार का आकार जितना बड़ा होगा, तुम्हारे दुख का कारण भी उतना ही अधिक होगा, क्योंकि तुम्हें उन सभी को इस कैद में देखना पड़ेगा।"

कौए के शब्दों ने यह याद दिलाया कि प्रचुरता हमेशा खुशी का सूचक नहीं होती, खासकर जब स्वतंत्रता का बलिदान दिया जाता है।

सीख
कहानी का नैतिक यह है कि यदि स्वतंत्रता का बलिदान किया जाए तो प्रचुरता दुःख ला सकती है।

चर्चा के प्रश्न

  1. कबूतर का गर्व उसके चरित्र के बारे में क्या प्रकट करता है?
  2. कौवे का दृष्टिकोण प्रचुरता के विचार को कैसे चुनौती देता है?
  3. क्या आपको कोई ऐसा समय याद है जब आपने किसी आकर्षक चीज़ से अधिक स्वतंत्रता को चुना हो?

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दूसरी भाषा में पढ़ें

शुभ रात्रि।

कल रात: लोमड़ी और सारस।