पुस्तकालय / Aesop’s Fables

प्यासा कौआ

इनसे जुड़ी कहानी: Aesop

पाठ योजनावर्कशीट

प्यासा कौआ

कई हफ़्तों से बारिश नहीं हुई थी। एक कौआ प्यास से मरा जा रहा था। वह पानी की तलाश में जगह-जगह उड़ता फिरा।

आख़िर उसे एक बग़ीचे में एक ऊँचा घड़ा दिखाई दिया। वह नीचे उतरा और घड़े में झाँका। तले में थोड़ा-सा पानी था, पर उसकी चोंच वहाँ तक नहीं पहुँची।

उसने घड़े को गिराने की कोशिश की, पर घड़ा बहुत भारी था। उसने घड़े को तोड़ने की कोशिश की, पर घड़ा बहुत मज़बूत था।

कौआ बैठकर सोचने लगा। तभी उसे ज़मीन पर छोटे-छोटे कंकड़ दिखाई दिए।

उसने चोंच में एक कंकड़ उठाया और घड़े में डाल दिया। डुबुक। उसने एक और डाला। डुबुक। एक-एक करके वह कंकड़ डालता गया, और धीरे-धीरे पानी ऊपर आता गया।

आख़िर पानी इतना ऊपर आ गया कि चोंच पहुँचने लगी। कौए ने जी भरकर ठंडा पानी पिया और उड़ गया।

सीख
थोड़ी-सी सूझबूझ बड़ी मुश्किल हल कर देती है।

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चर्चा के प्रश्न

  1. कौए ने सबसे पहले क्या किया, और उससे काम क्यों नहीं बना?
  2. कौए ने अपनी मुश्किल कैसे हल की?
  3. जब हमारा पहला उपाय काम न करे, तब हम क्या कर सकते हैं?

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दूसरी भाषा में पढ़ें

शुभ रात्रि।

कल रात: दो केकड़े।