
गौरैया और खरगोश।
"गौरैया और खरगोश" में, एक खरगोश एक चील के हमले के बाद रोता है, और गौरैया उसकी धीमी गति का मज़ाक उड़ाती है। हालांकि, गौरैया को जल्द ही एक बाज़ के पंजों में समान भाग्य का सामना करना पड़ता है, जो भाग्य की अप्रत्याशितता का एक मार्मिक सबक देता है। यह छोटी और मधुर नैतिक कहानी हमें याद दिलाती है कि जो लोग दूसरों के दुर्भाग्य पर हंसते हैं, वे खुद भी ऐसी ही स्थिति में पाए जा सकते हैं।


