
फाउलर और सांप।
इस प्रेरक नैतिक कहानी में, एक पक्षी पकड़ने वाला व्यक्ति, जो एक चिड़िया को पकड़ने का इरादा रखता है, अनजाने में सोए हुए एक सांप पर पैर रख देता है, जो उसे डस लेता है और उसके पतन का कारण बनता है। जैसे ही वह बेहोश होकर गिरता है, वह इस विडंबना पर विचार करता है कि दूसरे को फंसाने की कोशिश में खुद खतरे में फंस गया। यह छोटी कहानी एक मार्मिक याद दिलाती है कि अनूठी नैतिक कहानियों की खोज में, हमें उन खतरों से सावधान रहना चाहिए जो हमारे ध्यान के नीचे छिपे हो सकते हैं।


