
फ़्यूजिटिव ऑफिस
"द फ्यूजिटिव ऑफिस" में, एक यात्री राजधानी के बाहर एक अव्यवस्थित दृश्य देखता है, जहाँ लोग लड़ रहे हैं और चिल्ला रहे हैं, जो मानव संघर्ष की गहरी नैतिक कहानियों की याद दिलाता है। इस अशांति के बीच, एक थका हुआ ऑफिस पास की कब्र में भाग जाता है, शक्ति के स्रोत से अलग होने का शोक मनाते हुए, वह उस व्यक्ति की तलाश करता है जिसकी वह सेवा करता है, जो अशांति में लचीलापन और उद्देश्य की खोज के हृदयस्पर्शी नैतिक संदेश को दर्शाता है।


