
मोल और उसकी माँ।
"द मोल एंड हिज मदर" में, एक अंधा युवा छछूंदर आत्मविश्वास से दावा करता है कि वह देख सकता है, जिस पर उसकी माँ उसे लोबान के दानों से परखती है। जब वह उन्हें गलती से कंकड़ बताता है, तो उसे एहसास होता है कि वह न केवल अंधा है बल्कि उसकी सूंघने की शक्ति भी खो चुकी है। यह मनोरंजक नैतिक कहानी आत्म-जागरूकता के महत्व और नैतिक सबक वाली वास्तविक जीवन की कहानियों के मूल्य की याद दिलाती है।


