
हाइवेमैन और यात्री।
इस हास्य कहानी में, जिसमें नैतिक मोड़ है, एक हाईवेमैन एक यात्री का सामना करता है और मांग करता है, "तुम्हारा पैसा या तुम्हारी जान।" चतुर यात्री तर्क देता है कि चूंकि उसकी जान उसके पैसे को नहीं बचा सकती, इसलिए वह उसे देने की पेशकश करता है, जिससे हाईवेमैन उसकी बुद्धिमत्ता और दर्शन से प्रभावित होता है। यह अप्रत्याशित मुलाकात एक जीवन-परिवर्तनकारी साझेदारी की ओर ले जाती है क्योंकि वे एक अखबार शुरू करते हैं, जो नैतिक सबक के साथ त्वरित पठनीय कहानियों की शक्ति को प्रदर्शित करता है।


