पुस्तकालय / Aesop’s Fables

गधा और मेंढक।

इनसे जुड़ी कहानी: Aesop

गधा और मेंढक।

एक गधा, जो लकड़ी के बोझ से लदा हुआ था, एक तालाब से गुजर रहा था। जैसे ही वह पानी पार कर रहा था, उसका पैर फिसल गया, वह लड़खड़ाया और गिर गया। अपने बोझ के कारण उठने में असमर्थ, वह दुख से भारी कराह उठा।

तालाब में रहने वाले कुछ मेंढकों ने उसकी कराह सुनी और टिप्पणी की, "अगर तुम्हें हमारी तरह हमेशा यहाँ रहना पड़े, तो तुम क्या करोगे, जब तुम पानी में गिरने की इतनी बड़ी बात बना रहे हो?"

यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक सिखाती है: अक्सर लोग छोटी-छोटी परेशानियों को सहने में उतना साहस नहीं दिखाते, जितना वे बड़ी मुसीबतों में दिखाते हैं।

सीख
कहानी का सार यह है कि लोग अक्सर छोटी-मोटी परेशानियों के बारे में ज्यादा शिकायत करते हैं, बजाय बड़ी मुश्किलों के।

चर्चा के प्रश्न

  1. ऐसे कौन से उदाहरण हैं जिनमें लोग अक्सर छोटी-छोटी परेशानियों के बारे में शिकायत करते हैं?
  2. मेंढकों का दृष्टिकोण गधे की स्थिति को देखने के तरीके को कैसे बदलता है?
  3. दूसरों के सापेक्ष अपनी परेशानियों को पहचानना क्यों महत्वपूर्ण है?

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दूसरी भाषा में पढ़ें

शुभ रात्रि।

कल रात: लोमड़ी और सारस।