
यात्री और भाग्य।
"द ट्रैवलर एंड फॉर्च्यून" में, एक थका हुआ यात्री जो एक गहरे कुएं के किनारे पर है, डेम फॉर्च्यून द्वारा जगाया जाता है, जो उसे चेतावनी देती है कि यदि वह गिर गया, तो लोग उसके दुर्भाग्य के लिए अन्यायपूर्वक उसे दोष देंगे। यह छोटी और मधुर नैतिक कहानी युवा पाठकों को सिखाती है कि व्यक्ति अक्सर अपने भाग्य की चाबी खुद ही रखते हैं, न कि अपनी विपत्तियों को बाहरी ताकतों पर मढ़ते हैं, जिससे यह नैतिक शिक्षा वाली कहानियों और नैतिक सबक सीखने वाली कहानियों के लिए एक मूल्यवान अतिरिक्त बन जाती है।


