पुस्तकालय / शहर का चूहा और गाँव का चूहा

पाठ योजना

शहर का चूहा और गाँव का चूहा

कक्षाएँ
2–4
समय
50 min
पठन स्तर
1
वर्कशीट प्रिंट करेंकहानी पढ़ें

पाठ का क्रम

5 मिनट

रोचक शुरुआत

बच्चों से पूछें कि उन्हें क्या पसंद आएगा: किसी डरावनी जगह पर शानदार खाना या घर पर सादा खाना।

15 मिनट

कहानी वाचन

कहानी ज़ोर से पढ़कर सुनाएँ। बच्चे लिखें कि हर चूहे के पास क्या है और उसे किस चीज़ की कमी है।

15 मिनट

विश्लेषण अभ्यास

दो स्तंभों वाली तालिका बनाकर बच्चे शहर के जीवन और गाँव के जीवन की तुलना करें।

10 मिनट

जीवन से जुड़ाव/चिंतन

बच्चे लिखें कि घर में किन बातों से उन्हें सुरक्षित और ख़ुश महसूस होता है।

5 मिनट

मूल्यांकन

बच्चे कहानी की सीख बताएँ और दोनों जगहों से एक-एक ऐसी बात बताएँ जो उसे सही ठहराती हो।


कहानी का परिचय

  • शीर्षक और सीख: शहर का चूहा और गाँव का चूहा - “डर के पकवान से चैन की रोटी भली।”
  • कहानी का सार: गाँव का चूहा शहर में अपने चचेरे भाई के पास जाता है और दावत का मज़ा लेता है, पर कुत्ते पीछे पड़ते हैं तो समझ जाता है कि उसका अपना घर ही अच्छा है।

पाठ की मुख्य बातें

  • सीखने के उद्देश्य:
    • कहानी की दोनों जगहों की तुलना करना।
    • समझाना कि गाँव का चूहा घर क्यों लौट जाता है।
    • चर्चा करना कि लोगों को संतोष किन बातों से मिलता है।
  • चर्चा के प्रश्न:
    1. शहर का चूहा गाँव के बारे में क्या सोचता है?
    2. दावत के बीच में क्या होता है?
    3. तुम्हें कौन-सी ज़िंदगी पसंद आएगी, और क्यों?
  • आवश्यक सामग्री:
    • कहानी की प्रतियाँ
    • बोर्ड और चॉक या मार्कर
    • नोट्स और विचार लिखने के लिए काग़ज़

उत्तर कुंजी

1 B, 2 C, 3 D, 4 A