पुस्तकालय / शेर और चूहा

पाठ योजना

शेर और चूहा

कक्षाएँ
2–4
समय
50 min
पठन स्तर
1
वर्कशीट प्रिंट करेंकहानी पढ़ें

पाठ का क्रम

5 मिनट

रोचक शुरुआत

बच्चों से किसी ऐसे मौक़े के बारे में पूछें जब किसी छोटे या अनजान व्यक्ति ने उनकी मदद की।

15 मिनट

कहानी वाचन

कहानी ज़ोर से पढ़कर सुनाएँ। पहला हिस्सा पूरा होने पर बच्चों से पूछें कि क्या चूहा सचमुच कभी मदद कर पाएगा।

15 मिनट

विश्लेषण अभ्यास

बच्चे दो ख़ाने बनाकर पहली और दूसरी मुलाक़ात दिखाएँ और लिखें कि किसने किसकी मदद की।

10 मिनट

जीवन से जुड़ाव/चिंतन

बच्चे सोचें कि इस हफ़्ते वे भलाई का कौन-सा एक छोटा काम कर सकते हैं।

5 मिनट

मूल्यांकन

बच्चे कहानी की सीख समझाएँ और बताएँ कि कहानी का अंत उसे कैसे सही साबित करता है।


कहानी का परिचय

  • शीर्षक और सीख: शेर और चूहा - “भलाई कभी बेकार नहीं जाती।”
  • कहानी का सार: शेर एक नन्हे चूहे की जान बख़्श देता है, और बाद में वही चूहा शिकारियों के जाल की रस्सियाँ कुतरकर उसे आज़ाद करता है।

पाठ की मुख्य बातें

  • सीखने के उद्देश्य:
    • कहानी की दो मुख्य घटनाएँ अपने शब्दों में सुनाना।
    • समझाना कि शेर की दया उसी के काम कैसे आती है।
    • चर्चा करना कि छोटे-छोटे काम क्यों मायने रखते हैं।
  • चर्चा के प्रश्न:
    1. शेर चूहे को क्यों छोड़ देता है?
    2. चूहा उसका उपकार कैसे चुकाता है?
    3. तुम्हें क्या लगता है, शेर पहले क्यों हँसा था?
  • आवश्यक सामग्री:
    • कहानी की प्रतियाँ
    • बोर्ड और चॉक या मार्कर
    • नोट्स और विचार लिखने के लिए काग़ज़

उत्तर कुंजी

1 C, 2 D, 3 A, 4 B