कहानी, लेखक: Ambrose Bierce
बड़े पाठकों के लिए व्यंग्य

यह सुनकर कि राज्य पर एक शत्रु सेना द्वारा आक्रमण होने वाला है, मिलिशिया के एक कर्नल का युद्ध-घोड़ा एक गुजरते हुए चक्कीवाले को अपनी सेवाएं देने लगा।
"नहीं," देशभक्त चक्कीवाले ने जवाब दिया, "मैं उसे नौकरी पर नहीं रखूंगा जो खतरे के समय अपनी जगह छोड़ दे। अपने देश के लिए मरना मीठा होता है।"
इस भावना में कुछ ऐसा था जो युद्ध-घोड़े को परिचित लगा। जब उसने चक्कीवाले को गौर से देखा, तो उसे भेष बदले हुए अपने मालिक की पहचान हो गई।
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कल रात: लोमड़ी और सारस।